Our awareness is the greatest strength. Integration strengthens our society. Authority, must respect. Education, development is a big step. Education for all ... In a perfect society can bring us happiness.

Thursday, June 24, 2010

आओ मिलकर कदम बढ़ाएं, नई पीढ़ी के लिए एक नया समाज बनायें।

हम लोगों को अपने समाज के विकास के लिए एक नई शुरुआत करनी है जिसके लिए अपने विचारों में बदलाव लाना होगा। कुछ सामाजिक भावनाओं के विचार को बदलना होगा जो समाज के लोगों की सोंच में बैठे हुए हैं। जिसको सबसे पहले बदलना होगा क्योंकि समाज आपसी भावना और विचारों के मेल - जोल से बनता है, गलत भावनाओ से आपसी मतभेद पैदा होता है, जो हमारे समाज की बहुत बड़ी समस्या है। और इस समस्या को दूर करना जरुरी है। हमलोग जानते है की समय समाज को मजबूर करता है लेकिन समाज को उससे लड़ना चाहिए। जिस तरह व्यक्ति को जीने के लिए खाना जरुरी है उसी तरह जीवन के लिए अच्छे समाज का होना जरुरी है। और इसी अच्छे समाज के सहारे हमलोग अपनी-अपनी समस्याओं को दूर कर सकते है।नई पीढ़ी के युवा, हमारे समाज में एक नई शुरुआत करना चाहते है। उनकी आँखों में एक नई दुनिया है जो आने वाले पीढ़ी के लिए एक नया समाज बना सकती है। इस नए समाज में उनके बच्चों की सारी खुशियाँ मिल सकती है जो आज के समाज में नहीं है। हमलोग सारा आपसी मतभेद मिटा देना चाहते है जिसने हमारे समाज को ठुकड़े में बाँट रखा है। और यह हमारे समाज के लिए बहुत बड़ी समस्या है। मनुष्य-जीवन बहुत मुश्किल से मिलता है। इसमे मदभेद पैदा कर नहीं जीना चाहिए। समाज के सभी लोगों के साथ मिल-जुलकर रहना चाहिए और जीवन में मिली खुशियों का लुफ्त उठाना चाहिए। यही हमारे जीवन का असली कर्तव्य है।

Monday, June 14, 2010

बदलता हुआ समाज का बदलती हुई तस्वीर

आज हमारा समाज, राज्य और देश बदलाव के किनारे पर खड़ा है। बदलाव ही हमारे समाज के लिए एक रोशनी है, जो हमारे समाज को एक नया रूप दे सकता है। जहाँ समाज का हर व्यक्ति को अपना अधिकार आसानी से प्राप्त कर सकता है। युवा वर्ग इस बदलाव को स्वीकार करता है जो हमारे समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। इनके आँखों में एक नया समाज है अन्दर एक नया सोंच-विचार है। जो हमारे समाज को नई दिशा में ले जा सकता है। जिससे कल के समाज में, उसके परिवार और बच्चे खुश रहे। युवा वर्ग समाज में बदलाव लाना चाहता है लेकिन हमारे समाज में आपसी समानता नहीं होने से उसका कोशिश व्यर्थ हो जाता इसके आँखे- शहरो, विकासशील समाज तथा वहां की व्यवस्था को देखा है जो हमारे से कहीं ज्यादा विकासशील समाज है क्योंकि वहां सामाजिक समानता बहुत अधिक है। जो किसी जाति से ताल-मेल नहीं रखता है। अपने समाज को शहरों तक जोड़ कर रखता है, अपने समाज के अर्थव्यस्था को मजबूत रखने बनाने के लिए।